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सिकल सेल संकट
"सिकल सेल संकट" अवधारणा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² रोगियों में उन सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° तथा गंà¤à¥€à¤° अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं के लिठकिया जाता है जहां सिकल सेल रोग पाया जाता है।
सिकल सेल रोग के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प रकà¥à¤¤à¤¾à¤²à¥à¤ªà¤¤à¤¾ तथा à¤à¤¸à¥‡ संकट उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं जो कई पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं जैसे वाहिका-पूरà¥à¤£à¤¾à¤µà¤°à¥‹à¤§à¤• संकट, अविकासी संकट, ज़बà¥à¤¤à¥€ संकट, उचà¥à¤š अरकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ संकट, तथा अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के संकट.
सिकल सेल संकट के अधिकांश पà¥à¤°à¤•रण पांच से सात दिनों तक चलते हैं।
वाहिका-पूरà¥à¤£à¤¾à¤µà¤°à¥‹à¤§à¤• संकट
वाहिका-पूरà¥à¤£à¤¾à¤µà¤°à¥‹à¤§à¤• संकट अकà¥à¤¸à¤° सिकल आकार की लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के कारण होता है जो रकà¥à¤¤ नलिकाओं को बाधित करती हैं तथा जिसके कारण सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤•-अरकà¥à¤¤à¤¤à¤¾, दरà¥à¤¦, परिगलन तथा कई बार अंग की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होती है। इन संकटों की अवधि आवृतà¥à¤¤à¤¿ और तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ में काफी à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ होती है। दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• संकट का निवारण दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤¶à¤• दवाओं और जलयोजन से होता है; दरà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन के लिठनियमित अंतराल पर, जब तक संकट का निवारण न हो जाये, ओपिओयड के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम खतरनाक संकट के लिà¤, रोगियों का à¤à¤• उपसमूह NSAID से काम चलाता है (जैसे;नेपà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¨ या डाईकà¥à¤²à¥‹à¤«à¥‡à¤¨à¥‡à¤•) अधिक गंà¤à¥€à¤° संकट के लिठअधिकांश रोगियों को शिराà¤à¥à¤¯à¤¾à¤‚तर ओपिओइड के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है; इसके लिठमरीज नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• (PCA) उपकरणों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आम रूप से किया जाता है। ओपिओइड पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ के लिठकà¤à¥€-कà¤à¥€ डाईफेनहाइडà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होता है। पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ शà¥à¤µà¤¸à¤¨à¤®à¤¾à¤ª, गहरी सांस लेने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने वाली à¤à¤• तकनीक की सलाह दी जाती है जो शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤°à¥‹à¤§ के विकास को कम करती है।
पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ ज़बà¥à¤¤à¥€ संकट
अपनी संकीरà¥à¤£ वाहिकाओं और दोषपूरà¥à¤£ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने के कà¥à¤°à¤® में पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। . यह, सिकल सेल रकà¥à¤¤à¤¾à¤²à¥à¤ªà¤¤à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आमतौर पर बचपन के समापà¥à¤¤ होने से पहले होता है। यह सà¥à¤µ-पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾-उचà¥à¤›à¥‡à¤¦à¤¨ कैपà¥à¤¸à¥‚ल-बंद जीवों से संकà¥à¤°à¤®à¤£ के खतरे को बढ़ाता है; à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾à¤à¤¾à¤µ वाले लोगों के लिठनिवारक à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं और टीके लेने की सलाह दी जाती है।
पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ ज़बà¥à¤¤à¥€ संकट : पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ का गंà¤à¥€à¤° तथा दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• विवरà¥à¤§à¤¨ है। शिरानाल-सदृश और फाटक à¤à¤• ही समय में खà¥à¤²à¤¤à¥‡ हैं जिससे अचानक ही रकà¥à¤¤ पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ में चला जाता है जिससे संचार दोष उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है और अचानक अलà¥à¤ªà¤¾à¤¯à¤¤à¤¨-रकà¥à¤¤à¤¾à¤²à¥à¤ªà¤¤à¤¾ की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है। पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ ज़बà¥à¤¤à¥€ संकट को आपातकालीन माना जाता है। अगर इलाज न कराया गया तो मरीज की मृतà¥à¤¯à¥ संचार विफलता के कारण 1-2 घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° हो सकती है। पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन, रकà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ में कà¤à¥€ कà¤à¥€ सहायक हो सकता है। यह संकट कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• है, यह 3-4 घंटे के लिठजारी रहता है तथा पूरे à¤à¤• दिन के लिठरह सकता है।
अविकासी संकट
अविकासी संकट आधारà¤à¥‚त रकà¥à¤¤à¤¾à¤²à¥à¤ªà¤¤à¤¾ का गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤® पà¥à¤°à¤•ार है जिससे पीलापन, कà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¹à¥ƒà¤¦à¤¯à¤¤à¤¾ तथा थकान की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है। . यह संकट पारà¥à¤µà¥‹à¤µà¤¾à¤‡à¤°à¤¸ B19 दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होता है, जो लोहित कोशिका जनन को (लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨) सीधे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिसके लिठवह पूरà¥à¤µà¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ लाल कोशिकाओं पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ करता है और उसमें विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करते हà¥à¤ उसे नषà¥à¤Ÿ करता है। पारà¥à¤µà¥‹à¤µà¤¾à¤‡à¤°à¤¸ संकà¥à¤°à¤®à¤£ लगà¤à¤— पूरी तरह से दो से तीन दिन के लिठलाल रकà¥à¤¤ कोशिका के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को रोकता है। सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसके परिणाम अलà¥à¤ª होते हैं, परनà¥à¤¤à¥ सिकल सेल रोगियों की लाल कोशिकाओं का लघॠकाल, जीवन के लिठà¤à¤• गंà¤à¥€à¤° खतरा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है। बीमारी के समय जाललोहितकोशिका की गणना में नाटकीय गिरावट आ जाती है (जिससे रेटिकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होता hai) तथा लाल कोशिकाओं की तीवà¥à¤° वृदà¥à¤§à¤¿ से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ में कमी आती है। इस संकट के ख़तà¥à¤® होने में 4 दिन से à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय लगता है। अधिकांश रोगियों को समरà¥à¤¥à¤¨ से पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित किया जा सकता है, तथा कà¥à¤› को रकà¥à¤¤ आधान की जरूरत होती है।
रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚लायी संकट
रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚लायी संकट में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में तीवà¥à¤° घटाव होता है। लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं में तेज दर से विखंडन होता है। यह सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ à¤à¤¸à¥‡ रोगियों में पाया जाता है जिनमें G6PD की कमी संयोजित रूप से विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ रहती है। पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन कà¤à¥€-कà¤à¥€, रकà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ के साथ सहायक होता है।
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